Detailed Notes on Pramukh Shabar Mantra Sadhna Categories



वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे।

ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। 

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

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अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...

जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह

मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मं‍त्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मं‍त्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं। 

मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।

हमारे हिंदू धर्म में ग्रहण काल का काफी महत्व बताया गया है, इसके साथ ही ग्रहण काल के दरमियान कुछ चीजों के बारे में जानकारी भी दी गई है जिसमें से सबसे मुख्य जानकारी यह है कि जब सूर्य ग्रहण या फिर चंद्रग्रहण होता है तो इसका असर हम और आप पर भी पड़ता है.

उत्तरपथ में आप बठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि । धनधान्य देहि-देहि कुरु-कुरु स्वाहा ।।

सामग्री का चयन और उपयोग:- more info मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें। 

साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें। 

अंत में मंत्र जिन्न के उस चिराग की तरह है जिसे रगड़ने पर उक्त मंत्र से जुड़े देवता सक्रिय हो जाते हैं। मंत्र एक प्रकार से मोबाइल के नंबरों की तरह कार्य करता है।

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